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भारत माता का जयकारा एक महामंत्र है ! ''Bharat Maata Ka Jaikara'' Mahamantra Hai !

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 Bharat Maata Ka Jaikara Mahamantra Hai! भारत माता का जयकारा एक महामंत्र है ! : डी डी उइके                                आत्मीय भाइयों एवं बहनों,  भारत माता का जयकारा सच्चे अर्थों में एक महामंत्र है। ये महामंत्र व्यक्ति को लघु से विराट बनने की प्रेरणा देता है , व्यक्ति को संकीर्णता के दायरे  से बाहर निकलकर विश्वबंधुत्व की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है। दुनियां में भारत  ही एकमात्र ऐसा देश है जिसने धरती को माँ का दर्जा दिया है और माँ के रूप में देश की वंदना की है। इस धरती के प्रति जो हमारा अगाध प्रेम है उसी के वसीभूत हमने इसे माँ कहा है। दुनिया के अन्य लोगों ने धरती को केवल उपभोग की वस्तु माना है। यह उनके लिए केवल जमीन का एक टुकड़ा मात्र है। यह विचार  उनकी भोगवादी और उथली दृष्टि को उजागर करता है।  भारत का दर्शन बहुत ही अद्वितीय है। धरती माँ एक जीवंत प्रतिमा के रूप में हमारे रग रग में समाहित है। हम अपनी मातृभूमि के प्रति आभार और कृतज्ञता का भाव लिए हुए हैं और कहते हैं ...

तिलक और बिंदी का शास्त्रों में क्या महत्व है? Importance of Tilak and Bindi

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शास्त्रों में तिलक, बिंदी, चूड़ी, चोटी  और पायल का महत्त्व : श्री दुर्गादास उईके                              मित्रों इस लेख में मैंने यह बताने का प्रयास किया है कि हमारे शास्त्रों में हमारे पारम्परिक पहनावे, आभूषण एवं श्रृंगार का क्या महत्त्व बताया गया है ? क्यों हमें अपने पारम्परिक आभूषणों और पहनावे पर ध्यान देना चाहिए। हमें उनसे क्या फायदा होगा।                          हमारे शास्त्रों में बताया गया है कि आँखों की दोनों भौहों के बीच तिलक क्यों लगाना चाहिए ? यह तिलक अद्भुत है।  यह आज्ञा चक्र पर लगता है जहाँ इंगला, पिंगला, और शुषुम्ना तीनों नदियों का संगम होता है, जिन्हें स्थूल रूप में गंगा, यमुना और सरस्वती कहा गया है। यह त्रिवेणी कहलाती है।  जब हमारी आत्मा इसमें स्नान करती है, तब मोक्ष की प्राप्ति होती है।  हमारी नाक का बांया स्वर गंगा, दायां स्वर यमुना कहलाता है और जब ये दोनों स्वर एक साथ चलते हैं तो उ...